मुंबई की नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में सृष्टि फाउंडेशन द्वारा काव्यांजलि का अविस्मरणीय आयोजन
मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में काव्यांजलि का अविस्मरणीय आयोजन मुंबई की सांस्कृतिक राजधानी में एक शाम कविता, ध्यान और सामाजिक सम्मान के रंगों से सराबोर हो गई।
सृष्टि फाउंडेशन के सहयोग से नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए), मुंबई में आयोजित "अज्ञात से ज्ञात की ओर" नामक काव्यांजलि कार्यक्रम ने श्रोताओं को भावनाओं की गहराई में डुबो दिया। यह आयोजन 20 सितंबर 2025 को हुआ, जो सेवा पर्व के अंतर्गत आयोजित किया गया था।
कविता और ध्यान का संगम कार्यक्रम की शुरुआत पंकज झा (जिन्हें पॉपुलर वेब सीरीज "पंचायत" में "विधायक जी" के किरदार से जाना जाता है) के सम्मान में हुई। उन्होंने अपनी अविस्मरणीय रचनाओं से मंच सजाया। इसके अलावा, "पंचायत" सीरीज के संदर्भ में विधायक जी के रूप में पंकज झा जी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कस्टम कमिश्नर असलम हसन जी (आईआरएस) और आईएएस निधि चौधरी जी ने भी अपनी संवेदनशील रचनाएं सुनाईं, जो सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत चिंतन पर आधारित थीं। इन रचनाओं ने उपस्थित जनसमुदाय को गहन भावुकता से भर दिया। इसके बाद का क्षण सबसे यादगार रहा—पंकज झा जी ने लगभग 15-20 मिनट का ध्यान सत्र आयोजित किया। ध्यान साधना की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने सरल तकनीकों से सभी को ऊर्जावान बना दिया। श्रोताओं ने बताया कि यह सत्र न केवल शांतिदायी था, बल्कि दैनिक जीवन में mindfulness को अपनाने की प्रेरणा भी प्रदान करने वाला साबित हुआ। एक प्रतिभागी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "यह शाम केवल कविता की नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन की भी थी।"
समाजसेवकों का अभिनंदन कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा मंच पर अतिथियों का स्वागत और सम्मान था। सफल संचालक रवि यादव के कुशल संयोजन में सृष्टि फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं युवा ओजस्वी कवि बिपिन गुप्ता और निहारिका मिश्रा की उपस्थिति ने आयोजन को और समृद्ध किया।
मंच पर सम्मानित अतिथियों में शामिल थे: - रेलवे जीआरपी के पुलिस महानिदेशक प्रशांत बुर्डे जी - इनकम टैक्स कमिश्नर लियाकत अली जी - सुप्रसिद्ध समाजसेवी गणपत कोठारी जी - एसपी आहूजा जी
इन अतिथियों को उनके सामाजिक योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह क्षण न केवल व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक था, बल्कि सेवा और कला साहित्य संस्कृति के मेल का भी उत्सव था
सृष्टि फाउंडेशन, जो कि साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक पहलों के लिए जाना जाता है, ने इस कार्यक्रम को एनजीएमए मुंबई के साथ मिलकर आयोजित किया।
ज्ञात हो कि एनजीएमए, जो 1996 से मुंबई में सक्रिय है, आधुनिक कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करता है। यह काव्यांजलि सेवा पर्व 2025 का हिस्सा थी, जो प्रधानमंत्री कार्यालय के तत्वावधान में चली। यह आयोजन न केवल कविता प्रेमियों के लिए एक उत्सव था, बल्कि ध्यान और सामाजिक जागरूकता का माध्यम भी।
यदि आपने भाग नहीं लिया, तो एनजीएमए की आधिकारिक सोशल मीडिया पर उपलब्ध ग्लिम्प्सेस जरूर देखें—यह शाम आपको नई ऊर्जा देगी!
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