मुंबादेवी मंदिर में श्रद्धा का संगम अभिनेत्री सुवासरी रॉय समेत प्रमुख हस्तियों ने की दर्शन यात्रा


मुंबई: सपनों की नगरी मुंबई की प्राणशक्ति मानी जाने वाली मुंबादेवी मंदिर में आज एक अनोखा धार्मिक-सामाजिक समागम देखने को मिला। प्रसिद्ध अभिनेत्री सुवासरी रॉय ने सृष्टि फाउंडेशन के अध्यक्ष बिपिन गुप्ता, मुंबादेवी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष एकदंत बाजपेयी के साथ मिलकर माता के दर्शन किए। इस अवसर पर आदर्श ब्राह्मण समाचार पत्र के संपादक रोशन हरिशंकर मिश्रा भी उपस्थित रहे, जिनके साथ तीनों ने पारंपरिक पूजा-अर्चना की और भक्तिपूर्ण आरती उतारी। मंदिर परिसर में सजी-धजी सुवासरी रॉय सफेद पीले-नारंगी दुपट्टे और पारंपरिक आभूषणों से सुसज्जित होकर नजर आईं। उनके हाथ में थाली लिए हुए आरती की मुद्रा में खड़ी तस्वीरें भक्ति का जीवंत चित्रण करती हैं। बिपिन गुप्ता और एकदंत बाजपेयी भी पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर के प्रांगण में दिखे, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण भी किया।सुवासरी रॉय, जो हिंदी सिनेमा और टेलीविजन जगत में अपनी संजीदा भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं, ने दर्शन के बाद कहा, "मुंबादेवी माता मुंबई की रक्षक हैं। इस दर्शन से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी। सृष्टि फाउंडेशन के माध्यम से हम ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देंगे, जो समाज के हर वर्ग को जोड़े।" बिपिन गुप्ता, सृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक, ने जोर देकर कहा कि यह यात्रा फाउंडेशन की सांस्कृतिक गतिविधियों का हिस्सा है, जो कला, साहित्य और धर्म को जोड़ती है।
मुंबादेवी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष एकदंत बाजपेयी ने बताया कि एसोसिएशन स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहन देता है। "माता के आशीर्वाद से व्यापार फलता-फूलता है, और आज का यह दर्शन हमारी समृद्धि का प्रतीक है।" वहीं, आदर्श ब्राह्मण समाचार के संपादक रोशन हरिशंकर मिश्रा ने इस आयोजन को ब्राह्मण समाज की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा, "यह न केवल दर्शन है, बल्कि सामाजिक सद्भाव का प्रतीक। हम इसकी खबर अपने पाठकों तक पहुंचाएंगे।"मुंबादेवी मंदिर, जो लगभग 400 वर्ष पुराना है, मुंबई का प्राचीनतम धार्मिक स्थल माना जाता है। कोली समुदाय की कुलदेवी माता मुंबा के नाम पर ही शहर का नाम 'मुंबई' पड़ा। हर मंगलवार को यहां विशेष भीड़ उमड़ती है, और नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। आज का यह आयोजन स्थानीय समुदाय में उत्साह भरने वाला रहा, जहां पारंपरिक आरती भजन-कीर्तन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। यह दर्शन यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि सामाजिक एकीकरण का भी प्रतीक बनी। आने वाले दिनों में ऐसे और आयोजन की उम्मीद की जा रही है, जो मुंबई की सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करेंगे।

Comments

Popular posts from this blog

ऐतिहासिक पुनरुत्थान वार्ड 221 में आकाश राज पुरोहित ने रचा नया अध्याय, हजारों मतों के भारी अंतर से दूसरी बार नगरसेवक बने सनातनी मूल्यों की विजय का प्रतीक

मुंबादेवी श्याम मित्र मंडल की नवरात्रि में जल वितरण सेवा

मातृभूमि की धरोहर अनुवां के लाल कुंजबिहारी पांडेय, समाजसेवा के प्रतीक बने ग्रामप्रधान पद के प्रबल दावेदार