वार्ड 221 चुनाव पूजा-पाठ की खुशी या निर्दोष जीवों की हत्या? हिंदू-जैन मतदाताओं के बीच गूंज रही अपील
मुंबई: मुंबई महानगरपालिका के वार्ड 221 में चुनावी सरगर्मियां चरम पर हैं, जहां कांग्रेस के अमीन पटेल के प्रत्याशी और भाजपा के युवा चेहरे आकाश राज पुरोहित के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। लेकिन इस बार मुकाबला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि धार्मिक और नैतिक मूल्यों पर केंद्रित हो गया है। क्षेत्र के बहुसंख्यक हिंदू और जैन समुदाय के लोग खुलकर कह रहे हैं कि वे चुनाव को 'देवधर्म' और 'अहिंसा' की कसौटी पर तौल रहे हैं। सवाल सीधा है जीत की खुशी में मंदिरों में पूजा-पाठ, हवन और भंडारे होंगे या मन्नत के नाम पर निर्दोष बकरों की कुर्बानी?
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि भाजपा के कमल निशान पर वोट देकर आकाश राज पुरोहित को जिताना न सिर्फ सनातन संस्कृति की रक्षा है, बल्कि जीव हत्या से बचाव भी। एक स्थानीय जैन व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हम अहिंसा के पुजारी हैं। अगर अमीन पटेल के प्रत्याशी जीतते हैं, तो जीत की मन्नत में सैकड़ों बकरों की बलि दी जाएगी। मांस घर-घर बंटेगा, मोहल्लों में खून बहेगा। क्या हम ऐसे पाप के भागीदार बनें? वहीं, आकाश राज पुरोहित की जीत पर जय श्रीराम के नारों के साथ हर मंदिर में हवन, पूजा और भंडारे होंगे। हम पूजा-पाठ के कारण बनना चाहते हैं, न कि जीव हत्या के दोषी।"
आकाश राज पुरोहित, जो सनातनी कट्टर हिंदू कार्यसम्राट पूर्व मंत्री राज के पुरोहित पुत्र को स्थानीय नगरसेवक के रूप में जाना जाता है। वे क्षेत्र की सनातनी महिलाओं और पुरुषों के बीच 'अपने बेटे समान' माने जा रहे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि इस बार वे 10 हजार से अधिक मतों के अंतर से विजयी होंगे। "चप्पा-चप्पा भाजपा, अबकी बार दस हजार के पार!" यह नारा वार्ड की गलियों में गूंज रहा है। मतदाता एक-दूसरे से अपील कर रहे हैं "आप जीत की खुशी में पूजा-पाठ कराने वाले के समर्थक बनेंगे या मन्नत में निर्दोष जीवों की हत्या का कारण?"
यह अपील सिर्फ भावुक नहीं, बल्कि विचारणीय है। हिंदू और जैन भाई-बहन सोच रहे हैं कि परमात्मा सब देख रहा है। क्या वे ऐसे विकल्प चुनें जहां जीत का जश्न हिंसा से रंगा हो? या फिर सनातन गर्व बढ़ाने वाला रास्ता अपनाएं? एक महिला मतदाता ने कहा, "हमारे लिए चुनाव धर्म की परीक्षा है। 4 नंबर के बटन पर कमल निशान दबाकर हम पूजा-पाठ का हिस्सा बनेंगे, न कि हजारों बकरों की कुर्बानी के पापी। हर काम छोड़कर मतदान करें, सनातन को मजबूत बनाएं।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा वार्ड 221 के चुनाव को निर्णायक मोड़ दे सकता है। जहां एक तरफ अमीन पटेल की टीम विकास और समावेशी राजनीति की बात कर रही है, वहीं आकाश राज पुरोहित के समर्थक इसे 'धर्म रक्षा' का युद्ध बता रहे हैं। क्या हिंदू-जैन मतदाता अहिंसा और सनातन मूल्यों को प्राथमिकता देंगे? चुनावी नतीजे बताएंगे, लेकिन अपील साफ है: पूजा-पाठ के कारण बनें, जीव हत्या के दोषी न बनें।
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