भूलेश्वर के प्राचीन श्री सामुद्री माताजी मंदिर में भक्ति और जनसमर्थन का अद्भुत मिलन
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के दक्षिणी हिस्से में स्थित भूलेश्वर क्षेत्र सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है, जहां सैकड़ों मंदिरों की उपस्थिति इसे "देवताओं का अपना देवभूमि क्षेत्र" बनाती है। इनमें से एक है श्री सामुद्री माताजी मंदिर जो लगभग 1000 वर्ष प्राचीन है और मुंबई के सबसे पुराने मंदिरों में शुमार है। मंदिर माँ श्रीमहालक्ष्मी देवी को समर्पित है जिनकी मूर्ति समुद्र से प्रकट हुई थी इसी कारण इसे "सामुद्री माता" कहा जाता है। मुख्य रूप से गुजराती समुदाय के कपोल, विषा श्रोठिया और दासा श्रोठिया समाज के भक्त यहां नियमित पूजा करते हैं, लेकिन सभी समुदायों के लोग माताजी की कृपा के लिए आते हैं। यह मंदिर भूलेश्वर की संकरी गलियों में बसा है, जहां आसपास के बाजारों की रौनक और आस्था का अनोखा संगम दिखता है।
हाल ही में इस पवित्र मंदिर में स्थानीय महिलाओं और युवतियों ने भक्ति भजन संध्या का भव्य आयोजन किया।
भुलेश्वर,फणसवाडी,गुलालवाडी,लोहार चाळ,मुंबईदेवी परिसर,दवा बाजार,दागिना बजार,कबुतर खाना,कुम्बार तुकडा,अनंत वाडी,आत्माराम मर्चेंट रोड,पायधुनी,विठ्ठलवाडी,झवेरी बजार,हनुमान गली,कोळीवाडी,फोफळवाडी,भास्कर लेन,बदामवाडी
की दर्जनों सनातनी महिलाओं ने मातारानी के समक्ष भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किए। हजारों भक्तों की उपस्थिति में भक्ति का ऐसा माहौल बना कि पूरा वातावरण माताजी के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय युवा नेता एवं भाजपा उम्मीदवार आकाश राज पुरोहित (पूर्व विधायक राज पुरोहित के पुत्र) भी उपस्थित हुए। वे भक्तों के बीच बैठकर मातारानी की महिमा और प्रार्थना भरे भजनों को भक्तिभावपूर्वक सुनते उनकी मौजूदगी से जनसमुदाय में अपार उत्साह की लहर दौड़ गई। सभी ने एक स्वर में नारे लगाए
"आकाश राज पुरोहित विजयी हों! आकाश भाई आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं!" भक्तों ने सामुद्री माताजी से आकाश राज पुरोहित की विजय और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की कामना की।
मंदिर के पुजारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भूलेश्वर सहित पूरे क्षेत्र के सनातनी परिवार आकाश राज पुरोहित के पूर्ण समर्थक हैं। स्थानीय निवासी उन्हें अपना परिवारजन मानते हैं और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर अटूट विश्वास रखते हैं। सभी दृढ़ संकल्पित हैं कि आगामी बीएमसी चुनाव में रिकॉर्ड मतों से उन्हें विजयी बनाकर क्षेत्र की सेवा का अवसर देंगे।
यह आयोजन केवल भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि स्थानीय एकता, सांस्कृतिक धरोहर और युवा नेतृत्व के प्रति गहरा अपनत्व भी व्यक्त करता है। सामुद्री माताजी की कृपा से भूलेश्वर सदियों से आस्था का स्रोत बना हुआ है, और ऐसे आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम इसे और अधिक जीवंत बनाते हैं और हमारे घर के साथ क्षेत्र के "हर घर का बेटा जैसा आकाश राज पुरोहित" ही हैं हम सभी उसके साथ है
सामुद्री माताजी की जय
Comments
Post a Comment